बरेली में नाबालिग से देह व्यापार का खुलासा: होटल में होता था सौदा, तीन महिलाओं समेत चार गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में नाबालिग किशोरी से जबरन देह व्यापार कराने वाले एक संगठित गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला नेपाल की रहने वाली बताई जा रही है। पीड़िता की आपबीती सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।
किशोरी बहाना बनाकर होटल से भागी, थाने पहुंचकर बताई आपबीती
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार देर रात करीब 15 वर्ष की एक किशोरी डरी-सहमी हालत में बारादरी थाने पहुंची। उसने पुलिस को बताया कि वह वाराणसी जिले के चौबेपुर क्षेत्र की रहने वाली है।
किशोरी के अनुसार, जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में घर में डांट पड़ने के बाद वह नाराज होकर घर छोड़कर चली गई थी। वाराणसी रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात रिया नाम की एक महिला से हुई, जिसने उसे अपने पास रख लिया। कुछ दिनों बाद रिया उसे बरेली लेकर आई और यहां उसे बबली नाम की महिला के हाथों बेच दिया।
गैंग ने नाबालिग को जबरन देह व्यापार में धकेला
पीड़िता ने बताया कि बबली, उसका पति खलील खान और उनके सहयोगी विनोद ने उसे कैंट क्षेत्र के चनेहटी गांव में मस्जिद के पास एक कमरे में रखा। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बारादरी पुलिस ने रिया, बबली, विनोद, खलील खान, दुर्गावती और जसलीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस छापे में चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने छापेमारी कर मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में कैंट क्षेत्र के चनेहटी निवासी बबली, फरीदपुर के कुइयाखेड़ा निवासी विनोद यादव, बिजनौर की रहने वाली जसलीन कौर और नेपाल के कुमायत क्षेत्र की दुर्गालावती शामिल हैं।
अन्य आरोपी, जिनमें वाराणसी निवासी रिया, चनेहटी निवासी खलील खान और सुरेश शर्मा नगर निवासी विनय समेत कई होटल संचालक और मैनेजर शामिल हैं, फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
होटल और रेस्टोरेंट में चल रहा था गोरखधंधा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहकों को घंटों के हिसाब से लड़कियां उपलब्ध कराता था।
गैंग की सरगना बबली ग्राहकों से संपर्क कर सौदा तय करती थी। इसके बाद विनोद, खलील खान, जसलीन और दुर्गावती लड़कियों को स्कूटी के जरिए होटल या रेस्टोरेंट तक पहुंचाते थे और आसपास मौजूद रहकर पूरे काम की निगरानी करते थे।
इन होटलों में भेजी जाती थी किशोरी
जांच में सामने आया है कि आरोपी नाबालिग किशोरी को इज्जतनगर क्षेत्र के मामा-भांजा रेस्टोरेंट, बजरंग ढाबा स्थित ग्रीन एप्पल होटल, सेटेलाइट इलाके के लिटिल क्राउन होटल और मूडी मून होटल जैसे स्थानों पर ग्राहकों के पास भेजते थे।
बताया जा रहा है कि इस अवैध धंधे से होने वाली कमाई का एक हिस्सा होटल संचालकों को भी दिया जाता था। पुलिस ने कई होटल मालिकों और मैनेजरों को भी मुकदमे में नामजद कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
आधार कार्ड में उम्र बदलकर बनाया फर्जी दस्तावेज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने किशोरी को बालिग दिखाने के लिए उसके आधार कार्ड में जन्मतिथि में हेरफेर करवा दिया था।
किशोरी के आधार कार्ड में मूल जन्मतिथि 2011 दर्ज थी, जिससे वह नाबालिग साबित होती थी। इसके बाद गैंग की सरगना बबली ने सुरेश शर्मा नगर चौराहा स्थित एक जन सेवा केंद्र के माध्यम से जन्मतिथि बदलवाकर 2007 दर्ज करवा दी, ताकि उसे बालिग बताकर ग्राहकों के पास भेजा जा सके।
पीड़िता के परिजनों को दी गई सूचना
किशोरी के घर से गायब होने पर उसके परिजनों ने चौबेपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब बरेली पुलिस ने किशोरी के मिलने की जानकारी उसके परिवार को दे दी है।






